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हल्द्वानी में VFX कोर्स — इफ़ेक्ट्स, कंपोज़िटिंग और लाइटिंग, एक साल फुल-टाइम

Monal Academy · अपडेट Invalid Date

हल्द्वानी में मोनाल डिजिटल का स्टूडियो फ़्लोर — जहाँ यह प्रोग्राम पढ़ाया जाता है

आग, पानी, धूल, जादू, मौसम — स्क्रीन पर वह सब जो हिलता है पर जिसे कोई हाथ से एनिमेट नहीं करता। मोनाल एकेडमी का VFX & Compositing प्रोग्राम हल्द्वानी में एक साल का फुल-टाइम कोर्स है: एनिमेशन के लिए सिमुलेशन और स्टाइलाइज़्ड इफ़ेक्ट्स, और वह कंपोज़िटिंग-लाइटिंग जो रेंडर को फ़ाइनल फ़्रेम बनाती है। आप यह उसी स्टूडियो के अंदर सीखते हैं जिसके शॉट्स पर दसवें महीने से काम करेंगे।

एक नज़र में

अवधि12 महीने, फुल-टाइम, कैंपस में
जगहमोनाल एकेडमी, करन टावर, गैस गोदाम रोड, हल्द्वानी 263139
योग्यता12वीं पास (कोई भी स्ट्रीम), ग्रेजुएट, या नौकरी बदलने वाले। पोर्टफोलियो ज़रूरी नहीं
सॉफ़्टवेयरBlender, SideFX Houdini, Adobe After Effects, Nuke
कोर्स के अंत मेंFX और कंपोज़िटिंग रील — सिमुलेशन, स्टाइलाइज़्ड FX, और लाइव ब्रीफ़ के फ़िनिश्ड शॉट्स
फीस
अगला बैच

यह कोर्स किसके लिए है

  • आप फ़िल्म रोककर सोचते हैं कि यह धमाका बना कैसे।
  • आपको तकनीकी हिस्सा — सेटिंग्स, सिमुलेशन, रेंडर पास — उतना ही पसंद है जितना कलात्मक।
  • 12वीं (साइंस हो या न हो) या ग्रेजुएशन के बाद ऐसी स्किल चाहते हैं जिसकी माँग एनिमेशन, फ़िल्म और विज्ञापन तीनों में हो।
  • माता-पिता के लिए: VFX एनिमेशन की सबसे तकनीकी शाखा है, और भारत में हेडकाउंट के हिसाब से सबसे बड़ी में से एक। इसमें धैर्य और समस्या सुलझाने की आदत काम आती है।

ध्यान दें: यह एनिमेशन के लिए VFX है — एनिमेटेड प्रोडक्शन के इफ़ेक्ट्स और कंपोज़िटिंग — लाइव-एक्शन रोटोस्कोपिंग या ग्रीन-स्क्रीन का काम नहीं।

क्या सीखेंगे

  1. 01VFX फ़ाउंडेशन — इफ़ेक्ट्स की भाषा: टाइमिंग, सिल्हूट और रेफ़रेंस। नक़ली आग बनाने से पहले असली आग पढ़ना।
  2. 02पार्टिकल्स और सिमुलेशन — Blender और Houdini में धुआँ, आग, तरल और डिस्ट्रक्शन — सेटअप से आर्ट-डायरेक्टेड नतीजे तक।
  3. 03एनिमेशन के लिए स्टाइलाइज़्ड FX — एनर्जी, जादू और कार्टून फ़िज़िक्स: ऐसे इफ़ेक्ट्स जिनकी शेप स्टाइलाइज़्ड दुनिया से मेल खाए।
  4. 04कंपोज़िटिंग — After Effects और Nuke में लेयर, पास और ग्रेडिंग: रेंडर को फ़िनिश्ड फ़्रेम में जोड़ना।
  5. 05लाइटिंग और रेंडरिंग — रोशनी से कहानी: की, फ़िल, मूड, और वे रेंडर सेटिंग्स जो बजट में स्क्रीन तक पहुँचाएँ।
  6. 06प्रोडक्शन टर्म — स्टूडियो के लाइव शॉट्स के लिए इफ़ेक्ट्स और कंपोज़िटिंग, शो के तय लुक से मेल खाते हुए।

साल कैसे चलता है

महीना 1–3 — फ़ाउंडेशन। रेफ़रेंस, टाइमिंग, सिल्हूट। पहले Blender, क्योंकि उसमें नतीजे जल्दी दिखते हैं। और असली आग, पानी, धुएँ को FX आर्टिस्ट की नज़र से देखना।

महीना 4–9 — स्पेशलाइज़ेशन। Houdini सिमुलेशन, स्टाइलाइज़्ड FX, फिर After Effects और Nuke में कंपोज़िटिंग, फिर लाइटिंग-रेंडरिंग। हर हफ़्ते ब्रीफ़ और रिव्यू। नौवें महीने तक आप एक शॉट को कच्चे रेंडर से फ़िनिश्ड, ग्रेडेड फ़्रेम तक ले जा सकते हैं।

महीना 10–12 — स्टूडियो फ़्लोर। स्टूडियो के प्रोडक्शन के लाइव शॉट्स। शो का लुक मैच करना, डेडलाइन पकड़ना, नोट्स लेना। यही शॉट्स आपकी रील बनते हैं।

मेंटर जो खुद काम डिलीवर करते हैं

मेंटर स्टूडियो के FX और कंपोज़िटिंग आर्टिस्ट हैं, आपके साल के दौरान प्रोडक्शन पर।

कोर्स के बाद करियर

ग्रेजुएट इन रोल्स के लिए तैयार होते हैं: FX आर्टिस्ट, कंपोज़िटर, लाइटिंग और रेंडरिंग आर्टिस्ट। ये एनिमेशन के सबसे पोर्टेबल रोल्स में हैं — वही स्किल फ़ीचर फ़िल्म, सीरीज़, विज्ञापन और गेम्स में चलती है।

हम प्लेसमेंट का प्रतिशत नहीं छापते। विज़िट पर पुराने स्टूडेंट्स की रील्स देखिए, उनसे बात कीजिए।

हल्द्वानी में पढ़ाई

करन टावर, गैस गोदाम रोड, हल्द्वानी के बीच में — काठगोदाम स्टेशन से लगभग 10 मिनट। काठगोदाम, लालकुआँ, भीमताल और रुद्रपुर से रोज़ आना-जाना; पहाड़ से आने वाले पास में PG लेते हैं। लिस्ट हमारे पास है।

एडमिशन कैसे होता है

  1. 01संपर्क करें — WhatsApp, कॉल या ईमेल।
  2. 02स्टूडियो देखें — चलते हुए FX शॉट्स देखें, मेंटर से मिलें। दूर से हैं तो वीडियो कॉल।
  3. 03सीट पक्की करें — अगले बैच में एनरोल करें।

कोई एंट्रेंस टेस्ट नहीं। कोई पोर्टफोलियो नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

साइंस बैकग्राउंड या कोडिंग ज़रूरी है?

नहीं। Houdini में लॉजिकल सोच काम आती है, और जितनी एक्सप्रेशन-राइटिंग चाहिए, हम सिखाते हैं। ज़्यादातर काम आँख का है।

लैपटॉप पर Houdini और Nuke चलेगा?

कैंपस में स्टूडियो वर्कस्टेशन पर काम होता है। घर पर प्रैक्टिस के लिए मिड-रेंज लैपटॉप Blender और After Effects चला लेता है; क्या लेना है और क्या नहीं, हम बताएँगे।

एनिमेशन का VFX और फ़िल्म का VFX — यह कौन सा है?

एनिमेशन। सिमुलेशन, स्टाइलाइज़्ड इफ़ेक्ट्स और रेंडर किए एलिमेंट्स की कंपोज़िटिंग। स्किल फ़िल्म में भी चलती है, पर यहाँ जो रील बनती है वह एनिमेटेड प्रोडक्शन के लिए है।

फ़्रैंचाइज़ी इंस्टिट्यूट के VFX कोर्स से अलग कैसे?

आप लाइव शॉट्स पर, प्रोडक्शन में लगे FX आर्टिस्ट्स से सीखते हैं, और असली शो का लुक असली डेडलाइन में मैच करते हैं। हायर करने वाला सुपरवाइज़र रील में यही देखता है।

ऑनलाइन या पार्ट-टाइम?

नहीं। फुल-टाइम, कैंपस में।

कोर्स के अंत में क्या बनेगा?

एक रील — आग या फ़्लूइड सिम, एक स्टाइलाइज़्ड FX शॉट, एक लिट और कंपोज़िटेड शॉट, और स्टूडियो फ़्लोर टर्म के प्रोडक्शन शॉट्स।

पूरा प्रोग्राम, मॉड्यूल और टूल्स: VFX & Compositing